Monday, November 28, 2022
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G-20 समिट: हिंदी बोलने वाले अमेरिकी प्रवक्ता जेड तरार चर्चा में; इस मीटिंग के अहम PHOTOS देखिए


बाली (इंडोनेशिया)19 मिनट पहले

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन चलने वाली G-20 समिट में शिरकत के लिए इंडोनेशिया के बाली में हैं। मोदी यहां कुल 20 कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। समिट के पहले दिन मोदी का बिजी शेड्यूल रहा। सुबह उन्होंने समिट के फर्स्ट सेशन में हिस्सा लिया। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन समेत कई वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात की। इसके बाद भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में पहुंचे और वहां भाषण दिया। शाम को इंडोनेशियाई राष्ट्रपति के डिनर में पहुंचे और यहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले।

आइए, यहां फोटोज में जानते हैं कि जी-20 के दौरान और क्या अहम बातें हुईं? ये भी जानेंगे कि बाइडेन के साथ हिंदी बोलने वाला प्रवक्ता कौन है… देखिए फोटोज…

समिट के दौरान, मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को देख नहीं पाए तो बाइडन खुद मिलने पहुंच गए। फिर दोनों ठहाके लगाते नजर आए।

समिट के दौरान, मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को देख नहीं पाए तो बाइडन खुद मिलने पहुंच गए। फिर दोनों ठहाके लगाते नजर आए।

बाली में मौजूद भारतीय समुदाय के लोग मोदी का भाषण सुनने के लिए बहुत पहले ही हॉल में पहुंच गए। उसमें बड़ी संख्या में बोहरा समुदाय के लोगों की थी।

बाली में मौजूद भारतीय समुदाय के लोग मोदी का भाषण सुनने के लिए बहुत पहले ही हॉल में पहुंच गए। उसमें बड़ी संख्या में बोहरा समुदाय के लोगों की थी।

ब्रिटिश PM ऋषि सुनक और मोदी की मुलाकात भी हुई। मोदी ने ट्वीट में लिखा- ऋषि सुनक को देखकर खुशी हुई। भविष्य में साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।

ब्रिटिश PM ऋषि सुनक और मोदी की मुलाकात भी हुई। मोदी ने ट्वीट में लिखा- ऋषि सुनक को देखकर खुशी हुई। भविष्य में साथ काम करने के लिए उत्सुक हूं।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जेड तरार चर्चा में रहे। जो हिंदी और उर्दू बोलना जानते हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता जेड तरार चर्चा में रहे। जो हिंदी और उर्दू बोलना जानते हैं।

पाकिस्तानी मूल के हैं तरार
अमेरिकी विदेश विभाग में हिंदी बोलने वाले प्रवक्ता जेड तरार पाकिस्तानी मूल के हैं। उनकी हिंदी के कठिन शब्दों पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। वो अकसर टीवी चैनल्स पर भी नजर आते हैं। G20 के दौरान स्टेट डिपार्टमेंट ने उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने कुछ भारतीय टीवी चैनल्स को इंटरव्यू भी दिए। डीडी न्यूज से बातचीत में तरार ने कहा- भारत और अमेरिका के रास्ते अब अलग नहीं हो सकते। हमारी खूबसूरती और ताकत लोकतंत्र है और दुनिया को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।

G20 समिट में शामिल होने के लिए इंडोनेशिया के बाली पहुंचने पर प्रधानमंत्री का पारंपरिक तरह से स्वागत किया गया।

G20 समिट में शामिल होने के लिए इंडोनेशिया के बाली पहुंचने पर प्रधानमंत्री का पारंपरिक तरह से स्वागत किया गया।

सोमवार रात जब मोदी बाली पहुंचे तब वहां बड़ी तादाद में भारतीय मौजूद थे। उन्होंने ने 1986 में आई फिल्म नाम का गीत- चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है.... गाना गाया।

सोमवार रात जब मोदी बाली पहुंचे तब वहां बड़ी तादाद में भारतीय मौजूद थे। उन्होंने ने 1986 में आई फिल्म नाम का गीत- चिट्ठी आई है, आई है, चिट्ठी आई है…. गाना गाया।

मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से एक साथ मिले। इंडोनेशिया के बाद अगले साल भारत यह समिट होस्ट करेगा।

मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से एक साथ मिले। इंडोनेशिया के बाद अगले साल भारत यह समिट होस्ट करेगा।

जी20 लीडर्स के डिनर में मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी मुलाकात हुई। 2020 में लद्दाख में हुई झड़प के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बातचीत है।

जी20 लीडर्स के डिनर में मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी मुलाकात हुई। 2020 में लद्दाख में हुई झड़प के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बातचीत है।

बाली में PM के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, NSA अजीत डोभाल और G20 शेरपा अमिताभ कांत भी समिट में हिस्सा ले रहे हैं।

बाली में PM के साथ विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, NSA अजीत डोभाल और G20 शेरपा अमिताभ कांत भी समिट में हिस्सा ले रहे हैं।

क्या है G-20?
G-20 कुल 19 देशों के साथ एक यूरोपियन यूनियन का समूह है। इसमें फ्रांस, इंडोनेशिया, इटली, कोरिया, जर्मनी, इंडिया, मेक्सिको, ऑस्‍ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, रुस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, तुर्की, युनाइटेड किंगडम, जापान, अमेरिका और यूरोपीय यूनियन शामिल हैं। ये वो देश हैं जो अर्थव्यवस्था के मामले में टॉप हैं।

इस मंच का अहम काम आर्थिक सहयोग करना है, जिसमें शामिल होने वाले देशों की कुल जीडीपी दुनिया भर के देशों की 80 फीसदी है। दुनिया की 60 फीसदी आबादी इन्हीं देशों से ही आती है। ये देश मिलकर ग्लोबल इकोनॉमी पर काम करते हैं। यहां आर्थिक स्थिरता और जलवायु परिवर्तन और हेल्थ से जुड़े मुद्दों पर बात होती है। हर साल इन देशों का एक सम्मेलन या समिट होती है, जिसमें अलग अलग देशों को टॉप लीडर शामिल होते हैं।

समिट के फर्स्ट सेशन में PM मोदी ने कहा- कोरोना और इसके बाद यूक्रेन संकट ने दुनिया में तबाही मचाई है। हमें यूक्रेन-रूस जंग को रोकने का रास्ता खोजना होगा। इससे बुरा असर पड़ा है।

समिट के फर्स्ट सेशन में PM मोदी ने कहा- कोरोना और इसके बाद यूक्रेन संकट ने दुनिया में तबाही मचाई है। हमें यूक्रेन-रूस जंग को रोकने का रास्ता खोजना होगा। इससे बुरा असर पड़ा है।

क्यों महत्वपूर्ण है जी-20?
G-20 से जुड़े देशों के लिए समिट का बहुत महत्व है। क्योंकि इस समिट में दुनिया के बड़े नेता आपस में मुलाकात करते हैं। इस बार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक भी इस कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। यह G20 समिट भारत के लिए इसलिए खास है क्योंकि भारत 1 दिसंबर 2022 से एक साल तक G20 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेगा और बाली में शिखर सम्मेलन के दौरान अध्यक्षता सौंपी जाएगी।

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