Monday, November 28, 2022
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1600 साल पुरानी ग्रीक माइथोलॉजी में भेड़िया मानव का जिक्र: 2400 साल पहले भी नेउरी जाति में भेड़िया मानव होने का दावा


15 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी

कल, 25 नवंबर को वरुण धवन-कृति सेनन की फिल्म भेड़िया रिलीज हो रही है। ये कहानी है एक ऐसे आदमी की है जिसे भेड़िए ने काटा और फिर वो इंसान खुद भेड़िया बनकर लोगों को मारने लगा। इस तरह के क्रिएचर को वेयरवुल्फ यानी मानव भेड़िया कहा जाता है। भारत में ये अपनी तरह की पहली फिल्म होगी लेकिन ये हॉलीवुड के फेवरिट सब्जेक्ट्स में से एक रहा है। इस पर दर्जनों फिल्में भी बनी हैं।

मानव भेड़िया को लेकर दुनिया में कई तरह की थ्योरीज हैं। इतिहास में भेड़िया मानव का पहला जिक्र 2400 साल पुराना है। आज जहां पोलैंड और बेलारूस है वहां कभी नेउरी जनजाति थी, माना जाता है इस जाति के लोग साल में एक बार भेड़िया बनते थे। 425 में आई इटली की एक किताब द सिटी ऑफ गॉड के राइटर बिशप सेंट ऑगस्टाइन ऑफ हिप्पो ने भी ऐसी डायनों का जिक्र किया है जो भेड़िए में बदल जाती थीं।

ग्रीक माइथोलॉजी से लेकर 18वीं शताब्दी तक दुनिया की कई सभ्यताओं में भेड़िया मानव यानी वेयरवुल्फ से जुड़ी बातें हैं।

बॉलीवुड फिल्म भेड़िया के बहाने आज जानते हैं कि मानव भेड़िया को लेकर दुनियाभर में कैसी-कैसी कहानियां और मान्यताएं हैं….

भेड़िया मानव से जुड़ी दिलचस्प मान्यताएं

19वीं शताब्दी में यूनानियों का मानना था कि अगर किसी भेड़िया मानव की लाश नष्ट नहीं की गई तो वो कुछ सालों बाद दोबारा जीवित हो जाएंगे।

जर्मनी, फ्रांस और उत्तरी फ्रांस के लोगों का मानना है कि जो लोग पाप से मरे हैं, वो खून पीने वाले भेड़ियामानव बनकर लौटेंगे।

हंगेरियन लोक कथाओं के अनुसार ट्रासडानूबिया में रहने वाले शापित लोग मानव भेड़िया बनते हैं।

अर्मेनियन लोककथाओं के अनुसार पाप करने वाली महिलाओं को जीवन के 7 साल मानव भेड़िया बनकर बिताने होते हैं।

भेड़िया मानव की थ्योरी साबित करने वाली असल घटनाएं

  • 1541 में इटली के एक गांव के लोग अचानक गायब हो रहे थे। कई महीनों की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि एक किसान ने ही मानव मांस खाने के लिए इन लोगों की हत्या की थी। उस किसान के शरीर पर भेड़िए की तरह बाल थे। जब किसान को बंदी बनाकर उसके बालों की जांच की गई तो सामने आया कि वो किसान एक अजीब बीमारी से ग्रसित था, जो खुद को भेड़िया मानव समझकर लोगों को खाता था और भेड़िए की तरह ही बर्ताव किया करता था। साइंटिफिक तौर पर ये बात साबित नहीं हो पाई, जिसके बाद उस आदमी को मौत की सजा मिली।
  • 1640 में जर्मन के ग्रीफ्सवाल्ड शहर में भी वेयरवुल्फ के नाम पर दहशत थी। जो भी आदमी अंधेरे में बाहर निकलता उसे वेयरवुल्फ द्वारा मारे जाने का खतरा था। एक स्टूडेंट्स के ग्रुप ने रात में भीड़ इकट्ठा कर इस आतंक का डर हटाया था।
  • 1685 में बवेरियन शहर में भी एक भेड़िए ने दहशत पैदा की थी। स्थानीय लोगों का मानना था कि उस शहर के मेयर ही वेयरवुल्फ बनकर रात को घूमा करते हैं। भीड़ ने एक दिन साहस करके उसे मार दिया और उसकी खाल पहनकर सड़कों पर प्रदर्शन किया। बाद में उस भेड़िए की खाल को लोकल म्यूजियम में रखा गया थ।
  • 14 दिसंबर 1598 को एक शख्स को हत्या के आरोप में पेरिस कोर्ट में पेश किया गया था। उस आदमी ने इतने भयावह तरीके से कत्ल किए थे कि कोर्ट ने इस केस से जुड़े सभी दस्तावेजों को नष्ट करने के आदेश दिए थे। उस शख्स ने कई बच्चों की हत्या की, गले काटे और उनके शरीरों के कई टुकड़े किए। कई अलग-अलग टुकड़ों को आपस में जोड़ा। उस शख्स को कोर्ट ने जलाकर मारने की सजा सुनाई थी। कहा गया कि वो आदमी नरभक्षी मानव या भेड़िया मानव था।
  • 1603 में गेसकॉनी, फ्रांस के एक गांव में लोग लगातार गायब होने लगे। छानबीन में एक 12 साल की लड़की ने बताया कि पूर्णिमा की रात आदमी की तरह दिखने वाले एक भेड़िए ने उस पर हमला किया था।

1897 में आई थी पहली नॉवेल

वेयरवुल्फ पर पहली नॉवेल ड्रैकुला एंड ड्रैकुलाज गेस्ट 1897 में ब्राम स्टॉकर ने लिखी थी। 1928 में द वुल्फ्स ब्राइडः ए टेल फ्रॉम एस्टोनिया आइनो कालाज ने लिखी।

(ग्राफिक्स- अंकित पाठक)

संदर्भ-

https://listverse.com/2012/01/25/10-true-life-werewolves/

https://listverse.com/2012/01/25/10-true-life-werewolves/

https://mythicalrealm.com/mythical-creatures/werewolf/

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