Tuesday, November 29, 2022
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भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना रूस: सऊदी अरब और इराक को पीछे छोड़ा, पाकिस्तान अबतक डिस्काउंट मांग रहा


नई दिल्ली36 मिनट पहले

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अक्टूबर में रूस भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया है। एनर्जी कार्गो ट्रैकर वोर्टेक्स के अनुसार रूस ने अक्टूबर में भारत को कच्चे तेल की 935,556 बैरल हर दिन सप्लाई किए हैं। जो इराक के 20.5 और सऊदी अरब से आए कच्चे तेल से 16 परसेंट ज्यादा है। यह बढ़त यूक्रेन युद्ध के कारण में मॉस्को पर पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद हुई है।

पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने किसी भी देश पर किसी भी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई है। भारत ने जहां रूस से सबसे ज्यादा तेल मंगाया है, वहीं पाकिस्तान अब भी रूस से डिस्काउंट ही मांग रहा है।

डॉन का दावा- USA का प्रतिबंध नहीं
‘डॉन’ की खबर के मुताबिक USA के प्रवक्ता ने कहा है- वर्तमान में अन्य देशों पर रूसी ऑयल इंपोर्ट करने के खिलाफ प्रतिबंध नहीं है। इस बारे में डिसीजन अलग-अलग देशों पर छोड़ दिया है। उम्मीद है कि वे अपनी परिस्थितियों के आधार पर सही डिसीजन लेंगे। हम ग्लोबल मार्केट में यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की ताकत को कम करने के लिए भारत समेत यूरोपीय देशों के साथ कोर्डिनेशन करते रहेंगे।

रूस-यूक्रेन युद्ध से पहले, दिसंबर 2021 में हर रोज रूस ने भारत को केवल 36,255 बैरल कच्चा तेल एक्सपोर्ट किया। इराक ने 1.05 मिलियन बीपीडी और सऊदी अरब ने 952,625 का सप्लाई किया था।

पश्चिमी देशों के विरोध का भारत को फायदा मिला
भारत अपनी 85 फीसदी पेट्रोलियम जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरे देशों पर डिपेंड है। जब पश्चिम देशों ने रूस के कच्चे तेल की सप्लाई को रोकने की कोशिश की। जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में उछाल आया और रूस की इकोनॉमिक्स गड़बड़ाने लगी।

ऐसे में व्लादिमिर पुतिन ने अपने देश की अर्थव्यवस्था को अच्छा बनाए रखने के लिए सस्ते में तेल बेचकर एशियाई देशों को अपने ग्राहक बनाने का फैसला किया था। भारत और चीन ने इस बात का फायदा उठाया और दोनों ही रूसी तेल के सबसे बड़े ग्राहक बन गए। इसे भारत की कूटनीतिक जीत भी कहा जा सकता है।

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भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने आज रूस के मॉस्को में मुलाकात की।

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