Monday, November 28, 2022
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​​​​​​​ब्रिटेन जाने वाले स्टूडेंट्स में सबसे ज्यादा भारतीय: एक साल में दुनियाभर से 5 लाख पहुंचे; हमने चीन को पीछे छोड़ा


लंदन6 मिनट पहले

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ब्रिटेन में दूसरे देशों से आने वाले प्रवासियों की संख्या 5 लाख पार कर गई है। नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (ONS) ने साल 2021 से जून 2022 तक के आंकड़ें जारी कर यह जानकारी दी है। ONS के मुताबिक इस समय में यूरोप के बाहर से आने वाले लोगों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। इन आंकड़ों पर प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के प्रवक्ता ने बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री प्रवासियों की संख्या को कम करने के लिए पूरी तरह से डेडिकेटेड हैं।

प्रवासियों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ने के पीछे कोविड नियमों में दी गई छूट को बताया गया है। ONS के आंकड़ों में यह भी सामने आया है कि इस दौरान ब्रिटेन में बाहर से पढ़ने आए छात्रों में सबसे ज्यादा भारत के रहे। इससे पहले चीन के स्टूडेंट्स की संख्या सबसे ज्यादा थी। भारतीय छात्रों को दिए जाने वीजा में 273 फीसदी की बढोतरी हुई है।

हाल ही में जारी आंकड़ों के बाद अब ब्रिटेन में बाहर से पढ़ने आए छात्रों में सबसे ज्यादा भारतीय हैं।

हाल ही में जारी आंकड़ों के बाद अब ब्रिटेन में बाहर से पढ़ने आए छात्रों में सबसे ज्यादा भारतीय हैं।

स्किल्ड वर्कर वीजा हासिल करने वाले सबसे ज्यादा भारतीय

सिर्फ स्टूडेंट ही नहीं बल्कि स्किल्ड वर्कर्स की कैटेगरी में भी ब्रिटेन से सबसे वीजा हासिल करने वाले भारतीय ही हैं। एक साल में भारत के 56042 स्किल्ड कामगारों को ब्रिटेन का वीजा मिला। वहीं हेल्थ एंड केयर सेक्टर में भी वीजा हासिल करने वाले भारतीय ही रहे। इस कैटेगरी में जारी कुल वीजा का 36 फीसदी हिस्सा भारतीयों का रहा। ONS ने यह भी बताया कि एक साल में आए प्रवासियों में उन लोगों को नहीं जोड़ा गया है जो छोटी नावों में समुद्र के रास्ते से आए हैं। इससे पहले साल 2015 में ब्रिटेन में सबसे ज्यादा 3,30,000 प्रवासियों के आने का रिकॉर्ड था।

ब्रिटेन को छोड़ने वाले सबसे ज्यादा यूरोपीयन यूनियन के लोग

NOS के आंकड़ों में यह भी देखने को मिला की एक साल के दौरान ब्रिटेन को छोड़कर जाने वाले सबसे ज्यादा लोग यूरोपीय यूनियन के रहे। पिछले एक साल में ब्रिटेन आने वाले प्रवासियों में यूक्रेन, अफगान और हांग-कांग के लोग भी शामिल हैं। जिन्होंने युद्ध और चीन की प्रताड़नाओं से परेशान होकर अपना देश छोड़ा है। इन देशों से करीब 1,38,000 लोग ब्रिटेन आए।

इसकी एक वजह ब्रेक्जिट डील भी मानी जा रही है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट की मानें तो ब्रेक्जिट के बाद से मार्च 2022 तक केवल फाइनेंस सेक्टर से 7000 नौकरियां लंदन से दूसरे यूरोपियन देशो की ओर शिफ्ट कर गई । एक दूसरे अनुमान के मुताबिक 440 फाइनेंस कंपनियां भी ब्रिटेन छोड़ चुकी हैं।

प्रवासियों को ब्रिटेन में आने से रोकने पर नाकामयाब रहे डेविड कैमरून को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

प्रवासियों को ब्रिटेन में आने से रोकने पर नाकामयाब रहे डेविड कैमरून को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

ब्रिटेन में काफी पुराना है प्रवासियों का मुद्दा

ब्रिटेन में प्रवासियों का मुद्दा काफी पुराना है। ब्रेक्जिट से पहले लेबर पार्टी के प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने एक प्रवासियों की संख्या कम करने का वादा किया था। वादे के मुताबिक इंग्लैण्ड में एक साल में आने वाले प्रवासियों की संख्या को एक लाख से कम करना था।

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