Friday, December 2, 2022
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दोस्त की शादी में दो लड़कों ने साड़ी पहनी: अमेरिका में बेस्टमैन बने युवकों ने बिंदी भी लगाई, हाथ में हाथ डालकर घूमते नजर आए


शिकागो25 मिनट पहले

कपड़ों को लेकर स्त्री-पुरुष की धारणा तोड़ते हुए दो युवकों का वीडियो वायरल हो रहा है। यह वीडियो अमेरिका के शिकागो का है, इसमें दो लड़के साड़ी पहनकर बिंदी लगाकर हाथ में हाथ डालकर घूमते नजर आ रहे हैं। दोनों अपने दोस्त की शादी के लिए तैयार हुए थे।

शिकागो में रहने वाले एक भारतीय जोड़े की शादी थी। उनकी शादी में अमेरिकी दोस्त दूल्हे के बेस्टमैन बने थे। दूल्हा और दुल्हन दोनों भारतीय हैं, इसलिए अमेरिकी दोस्तों ने उनकी शादी में ठेठ भारतीय ड्रेस पहनने का निर्णय लिया। दोनों ने एक ड्रेस डिजाइनर की मदद से साड़ी पहनी। इतना ही नहीं बिंदी भी लगाई।

दूल्हा अपनी हंसी नहीं रोक पाया
जब दोनों दोस्त शादी में अपना यह अतरंगी फैशन करके पहुंचे तो दूल्हा और दुल्हन अपनी हंसी नहीं रोक पाए। दुल्हन तो शर्मा गई, लेकिन दूल्हे ने हंसते हुए दोनों को गले लगाया और उनकी हिम्मत की दाद दी। शिकागो के वेडिंग वीडियोग्राफर पैरागॉनफिल्म्स ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वीडियो शेयर किया है।

सोशल मीडिया पर वीडियो की खूब चर्चा
दोनों युवकों के इस फैशन की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा है। कुछ इन्हें देखकर चकित है तो कुछ इनकी हंसी उड़ा रहे हैं। जबकि कई लोग इनकी हिम्मत की दाद दे रहे हैं। उनका कहना है कि इन्होंने जेंडर स्टोरियाटाइप तोड़ने की कोशिश की है। इंस्टाग्राम पर शेयर वीडियो को अब तक हजारों लाइक्स और लाखों सीन मिल चुके हैं।

रणवीर-आयुष्मान पहनते हैं स्कर्ट

‘कॉफी विद करण’ के सातवें सीजन के अंतिम एपिसोड में करण जौहर ने रणवीर सिंह को अपना ‘फैशन बडी ‘(Fashion buddy) बताया। उन्होंने कहा था कि हम मैसेज कर एक-दूसरे की लुक्स की तारीफ करते रहे हैं। इसी शो के पहले एपिसोड में रणवीर सिंह ने खुलासा किया कि उनकी मदर-इन-लॉ को उनका वॉर्डरोब स्वीकार करने में समय लगा। हालांकि, उनके पास 2 वॉर्डरोब हैं। जब उन्हें दीपिका पादुकोण के पेरेंट्स के घर जाना होता है तो वह सफेद टी-शर्ट और जींस ही पैक करते हैं।

रणवीर सिंह की ड्रेसिंग सेंस का भले ही लोग मजाक बनाएं लेकिन कम ही लोगों को पता है कि उनका फैशन एक खास कैटिगरी में आता है। उनका यह ड्रेसिंग स्टाइल ‘जेंडर फ्री फैशन’ कहलाता है।

ग्राफिक्स से समझें ‘ऐन्ड्रॉजनस फैशन’ क्या है

फैशन ने महिला-पुरुष का भेद तोड़ा
सेलिब्रिटी फैशन डिजाइनर सलीम असगर अली ने बताया कि बीच में एक ऐसा दौर भी आया था कि जेंडर के हिसाब से कपड़ों का बंटवारा हो गया, लेकिन अब यह दीवार टूटी है। आज की जनरेशन और LGBTQ समेत कई कम्युनिटी ने इस भेद को तोड़ा।

ऐन्ड्रॉजनस फैशन हमारे पूर्वजों की देन रहा है। पुराने जमाने में कपड़े किसी एक जेंडर से जुड़े हुए नहीं थे।

फैशन ने अब लोगों को कुछ भी पहनने की आजादी दी है। वह कहते हैं कि ‘मैं खुद भी ‘जेंडर फ्लूइड’ हूं। यानी जब जैसा मन हुआ वैसी ड्रेस पहन ली। जेंडर फ्लूइड (gender fluid) यानी कभी मैं अपने अंदर ‘मेल’ को ज्यादा महसूस करता हूं और कभी मेरे अंदर का ‘फेमिनिन साइड’ जाग जाता है। एक दिन मुझे लगता है कि मैं मर्द हूं और फिर अगले दिन मेरे अंदर छिपी कमसिन स्त्री बाहर आने को बैचेन होती है। तो मैं वैसे ड्रेसअप करता हूं।’

साड़ी और मेकअप में सलीम असगर अली के डिफरेंट लुक:

फ्रांस के किंग बने मिसाल
फ्रांस में 1643-1715 तक शासन कर चुके किंग लुईस द ग्रेट जिन्हें Louis XIV भी कहा जाता था, उनका स्टाइल भी ऐन्ड्रॉजनस फैशन की मिसाल बना। वह डायवर्टेड स्कर्ट (Diverted Skirt), स्टॉकिंग्स, लंबा विग और हाई हील्स पहना करते थे।

फ्रांस के किंग लुईस द ग्रेट की तस्वीर, सोर्स: विकीपीडिया

फ्रांस के किंग लुईस द ग्रेट की तस्वीर, सोर्स: विकीपीडिया

इंडस्ट्री रेवॉल्यूशन ने किया कपड़ों का बंटवारा
फ्रेंच रेवॉल्यूशन (1789 –1799) और इंडस्ट्री रेवॉल्यूशन (1760 –1840) ने महिला और पुरुषों के कपड़ों के पहनने का अंदाज न केवल फ्रांस बल्कि दुनिया में बदल दिया। ब्रिटेन में क्वीन विक्टोरिया के राज में पुरुषों का ब्राइट कलर्स पहनना बिल्कुल कम हो गया। ब्रिटिश साइकोलॉजिस्ट जॉन फ्लूजेल ने इसे पुरुषों का सबसे बड़ा त्याग कहा। स्कर्ट महिलाओं के खेमों में आ गई थी।

1920 में कुछ डिजाइनर्स ने ऐन्ड्रॉजनस फैशन को दुनिया के सामने शोकेस किया तो लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। कुछ लोगों ने इसे बदलाव के तौर पर देखा तो कुछ ने इसकी आलोचना की। 1930 में आधुनिकता के दौर में विदेशी फैशन शो में ऐसी ड्रेसेज देखने को मिलीं।

जब पहली बार महिला ने पब्लिक में पहना ‘मर्दाना सूट’
प्यूर्टो रिको की मशहूर लेखिका और वुमन राइट्स की एक्टिविस्ट—लुइसा कैपेटिलो ने मर्दाना सूट और टाई पहनी। धीरे-धीरे महिलाओं ने मर्दों के कपड़े अपनाने शुरू कर दिए।

अमेरिका की मशहूर फैशन डिजाइनर एलिजाबेथ स्मिथ मिल्ली पहली डिजाइनर थीं जिन्होंने महिलाओं के लिए अलग तरह के ट्राउजर बनाए जिन्हें ‘द ब्लूमर’ नाम दिया गया और आजकल बच्चों के लिए भी ब्लूमर बनाए जाते हैं।

1850 में ‘द ब्लूमर’ पॉपुलर होने लगा और यह पैंट महिलाओं के वार्डरोब का हिस्सा बन गई।

पुराने जमाने में भी था ‘ऐन्ड्रॉजनस फैशन’:

फर्स्ट वर्ल्ड वॉर के आसपास महिलाओं में फ्लैपर स्टाइल बना ट्रेंड

1914 में शुरू हुए पहले विश्वयुद्ध के आसपास कपड़ों में लिंगभेद मिटने लगा था। उन दिनों फैशन जगत के बड़े नाम Coco Chanel और Paul Poiret ने फ्लैपर स्टाइल को पॉपुलर किया। फ्लैपर स्टाइल यानी ट्राउजर और चिक बॉब हेयरस्टाइल, महिलाओं के बीच ट्रेंड बना। सेलेब्स ने इसे पॉपुलर किया।

1930 में जर्मनी की एक्ट्रेस Marlene Dietrich पहली सिलेब थी जिन्होंने फ्लैपर ऐन्ड्रॉजनस स्टाइल को अपनाया।

सिनेमा और म्यूजिक से जुड़े लोग लाए क्रांति

1960-70 के दशक में पश्चिमी देशों में महिलाओं की आजादी के लिए आंदोलन शुरू हुआ। फ्रांस की मशहूर कंपनी Yves Saint Laurent ने ‘Le Smoking’ सूट डिजाइन किया।

वहीं, अमेरिका के मशहूर सिंगर एल्विस प्रेस्ली भी ऐन्ड्रॉजनस स्टाइल में ड्रेस होकर आई मेकअप के साथ परफॉर्म करते दिखे।

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